Smashan - An Overview
गुरुमुखी मंत्र और खतरनाक शक्तियों के मंत्र से और उसकी शक्ति से हम श्मशान की राख को अभिमंत्रित करते हे और उसको खास प्रकार की वशीकरण राख बनाते हे उस राख को इच्छित व्यक्ति पर फेकने से या किसी भी बहाने उसको खिला देने से वो आपके प्यार में गिरफ्तार हो जाएगी
जप शुरु करने से पहले अपनी रक्षा अवश्य करें।
भूत बाधा नाशक मंत्र : भुत प्रेत भगाने का शक्तिशाली मंत्र
सिद्ध हो जाता है तब क्या होता है? यह तो सवाल आपके मन में जरूर होंगे तो चलो इस बारे में बताते हैं।
ॐ काला भैरू, कपिला केश। काना कुंडल भगवा वेष।
क्योंकि बिना नियम का पालन किए हुए कोई भी देवी या देवता प्रसन्न नहीं होते हैं, इसलिए अगर किसी साधक को किसी भी प्रकार की सिद्धि करनी है तो उसे पूरी विधि विधान से मंत्र जाप और अपनी साधना विधि करनी चाहिए तभी उसे अपनी साधना में सफलता मिलेगी.
क्योंकि इस समय साधना करने से उन्हें जल्दी ही साधना में सफलता प्राप्त होती है,अगर कोई साधक सूर्य ग्रहण या फिर चंद्र ग्रहण के समय मंत्र साधना करता है तो उसे अवश्य सफलता मिलती है.
तंत्र मंत्र स्मरण शक्ति के लिए मंत्र : स्मरण शक्ति को कैसे तेज़ करे?
हिंदू धर्म में वर्णित मंत्रों के इस्तेमाल के द्वारा एक सिद्ध तांत्रिक चाहे तो किसी भी व्यक्ति को गायब कर सकता है या फिर किसी भी व्यक्ति को अन्य रूप में परिवर्तित कर सकता है. इसके अलावा एक सिद्ध तांत्रिक मरी हुई आत्माओं से बात भी कर सकता है, हालांकि किसी भी प्रकार की सिद्धि को करने के लिए नियम और कुछ विधि बनी हुई होती है और जो साधक साधना को करने के लिए नियमों का पालन करता है उसकी ही सिद्धि होती है.
वेदोंशास्त्रसप्त ऋषिसप्त चिरंजीवीसप्त नदियाँधामज्योतिर्लिंगकुंभ स्थलशक्तिपीठ
इस मंत्र की खासियत ये हे की इस मंत्र को सिद्ध करके आप किसी कन्या के कान में मंत्र फूककर उसीसे सारे सवाल का जवाब ले सकते हे अगर किसी पर काला जादू हुआ हे या किया कराया हे तो आपको ये सिद्धि बहुत फलदायी साबित होती हे,ये शाबर मंत्र साधना हे और बहुत ही उपयोगी साधना हे जो लोग गद्दी लगाते हे और दुसरे के दुःख को दूर करते हे उस व्यक्ति को ये सिद्धि अवश्य करनी चाहिए,
उदाहरणार्थ यदि आपके मन में read more एक साथ एक हजार विचार चल रहे हैं तो उन सभी को समाप्त करके मात्र एक विचार को ही स्थापित करना ही मंत्र का लक्ष्य होता है। यह लक्ष्य प्राप्त करने के बाद आपका दिमाग एक आयामी और सही दिशा में गति करने वाला होगा।
साधना शान्त, नियत स्थान पर एकांत में ही करें।
ताकि वह ग्रहण काल में अपनी मनचाही सिद्धि कर पाए, ग्रहण काल में चाहे वैदिक मंत्र हो या फिर साबर मंत्र हो दोनों की सिद्धि की जा सकती है और दोनों ही मंत्र बड़ी जल्दी सिद्ध हो जाते हैं.